नकारात्मकता के माहौल में सामयिक रचना है Vaccine 50 - वीरेंद्र वर्मा, आर.ए.एस.


कोरोना संक्रमण के इस दौर में हर तरफ नकारात्मकता का माहौल है l अचानक प्रकट हुए एक छोटे से वायरस ने इतनी बड़ी मानव जाति को संकटापन्न कर दिया है l चाहे कमजोर हो या ताकतवर, अमीर हो या गरीब कोई भी वायरस के हमले से नहीं बच पाया है l शारीरिक स्वास्थ्य के लिहाज से तो यह बहुत बड़ा खतरा साबित हुआ ही है लेकिन इसने लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को भी बुरी तरह से बिगाड़ दिया है l

सच मानो तो मानसिक स्वास्थ्य शारीरिक स्वास्थ्य से भी प्राथमिक है l पता नहीं इस महामारी का वैक्सीन दुनिया को कब मिलेगा क्योंकि कहा जा रहा है कि यह वायरस बदलता जा रहा है l खैर जब भी मिले वह वैक्सीन शारीरिक स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से होगा परंतु उत्साह से लबरेज एक युवा प्रशासनिक अधिकारी ने मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूर वैक्सीन खोज निकाली है l Vaccine 50 नाम की पुस्तक में लेखक नवीन जैन ने कोरोना के इस नकारात्मक विषाणु को समूल नष्ट करने हेतु 50 कहानियों के माध्यम से मानसिक उपचार सुझाया है l ये सब कहानियां हम सभी के द्वारा कभी न कभी कहीं न कहीं सुनी या पढ़ी हुई जरूर है किंतु जिस सशक्त माध्यम के रूप में इनका उपयोग इस पुस्तक में किया गया है वह लेखक के कहने और समझाने के निराले अंदाज का द्योतक है l अपनी बात को छोटी सी कहानी के जरिए लोगों तक बहुत आसानी से पहुंचाया गया है l

पुस्तक की भाषा की चर्चा करें तो आलंकारिकता से दूर ऐसी बोधगम्य भाषा है कि आम आदमी के अंदर सरलता से पहुंचती है l यहां हिंदी के कम प्रचलित शब्दों के स्थान पर आवश्यकतानुसार अंग्रेजी के प्रचलित शब्दों को भी जगह दी गई है l बोलचाल की भाषा में गुंथी हुई यह पुस्तक अपने उद्देश्य में कामयाब लगती है l नकारात्मकता के इस माहौल में तो यह लेखक की सामयिक रचना है ही साथ ही इसमें दिया गया प्रेरक संदेश इस रचना को कालजयी बना देता है l नकारात्मक विषाणु को खत्म करने वाली Vaccine 50 नामक इस औषधि का हम सभी को सेवन अवश्य करना चाहिए l Vaccine 50 की खोज के लिए लेखक नवीन जैन को साधुवाद !

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