1955 से रियल एस्टेट के बादशाह, अब सोशल मीडिया ने बदल दिया नजरिया


मुंबई। बम्बई से मुंबई का सफर केवल शहर ने ही पूरा नहीं किया, बल्कि इस शहर को बसाने वालों ने भी किया है। 1955 में रहेजा परिवार कराची से मुंबई आया था। रहेजा ब्रदर्स ने मिलकर रियल एस्टेट कारोबार को इसी साल अपनाया। अनुभव जुटता गया, शहर बसता गया। आलम यह है कि आज एस. रहेजा रियलिटी मुंबई का प्रोमिनेंट बिल्डर तो है ही, लग्जरी हाउसिंग, रीडेवल्पमेंट, अफोर्डेबल हाउसिंग, कॉर्पोरेट डवल्पमेंट और सैकण्ड होम्स के सैगमेंट में भी बड़ा नाम बन चुका है।

दिलचस्प बात यह है कि कोविड 19 के कहर से रहेजा ग्रुप बेहसर रहा है। गु्रप के निदेशक राम रहेजा कोविड के असर को बेअसर करने के अनुभव बताते हुए कहते हैं, हमने सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉम्र्स को प्रॉपर यूटिलाइज किया है। इससे हमें नया मार्केट टैप करने में तो मदद मिली ही, हमारी सेल्स में फीगर्स भी नीचे नहीं आए। हम अपनी सेल्स बदस्तूर मेंटेन कर रहे हैं, तो सोशल मीडिया प्लेटफॉम्र्स और इटरनेट मार्केटिंग के जरिए। सही मायने में देखा जाए, तो कोविड के बाद अब बाजार बदल चुका है। सोशल डिस्टेंसिंग के मायने हो गए हैं, जिसे केवल इंटरनेट मार्केटिंग के जरिए ही बीट किया जा सकता है। क्योंकि कोविड चले जाने के बाद भी लोग लम्बे अर्से तक सोशल डिस्टेंसिंग छोडऩे वाले नहीं हैं। ऐसे में कारोबार बाधित नहीं होना चाहिए।

राम रहेजा ही नहीं ऐसे बहुत सारे रियल एस्टेट ग्रुप हैं, जो फिलहाल सोशल मीडिया मार्केटिंग को गंभरता से लेने लगे हैं। हालांकि यह देखने वाली बात है कि बहुत सारे रियल एस्टेट ग्र्रुप्स आज भी इस मानसिकता के शिकार हैं कि ऑनलाइन प्लॉट या फ्लैट नहीं बेचे जा सकते। यह केवल इंटरनेट पर समय खराब करना मात्र है। लेकिन कोविड 19 ने बड़े से बड़े कारोबारियों को जमीनी हकीकत याद दिला दी है और इस दिशा में गंभीरता से सोचने को मजबूर कर दिया है कि आने वाले कल में भविष्य ऑनलाइन बाजार का ही है।
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